हावड़ा में नाबालिग छात्रा का अपहरण, जबरन शादी का दबाव और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
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Howrah Kidnapping
हावड़ा में 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा का कथित अपहरण.
जबरन शादी से इनकार करने पर दी गई थी धमकी.
जबरन शादी से इनकार करने पर दी गई थी धमकी.
Kolkata / हावड़ा, कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से सामने आया यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज की उस कड़वी सच्चाई को भी उजागर करता है, जहां एक नाबालिग बच्ची की जिंदगी और भविष्य को खुलेआम रौंदा जा रहा है। हावड़ा की रहने वाली गुलशन बेगम की 17 वर्षीय बेटी नफीसा खातून, जो 11वीं कक्षा की छात्रा है, को राजा और डकूवा नाम के दो व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से जबरन अगवा कर लिया गया है। यह घटना पूरे इलाके में डर और आक्रोश का माहौल पैदा कर रही है।
परिवार का कहना है कि कुछ समय से आरोपियों द्वारा बच्ची की जबरन शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था। जब परिवार को यह पता चला कि नफीसा नाबालिग है और उसकी पढ़ाई अभी जारी है, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। इसी इनकार के बाद आरोपियों ने खुलेआम धमकी दी थी कि अगर शादी नहीं कराई गई तो बच्ची को जबरन उठा लिया जाएगा। दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि जो धमकी दी गई थी, वही अब सच्चाई बनकर सामने आ गई है।
गुलशन बेगम और उनके परिवार के लिए यह समय किसी बुरे सपने से कम नहीं है। दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो बच्ची का कोई सुराग मिला है और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई दे रही है। परिवार का आरोप है कि पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अपहरणकर्ता और उनके समर्थक शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। गरीब और असहाय मां-बाप खुद को पूरी तरह अकेला महसूस कर रहे हैं। घर में मातम का माहौल है, मां-बाप की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
सबसे चिंता की बात यह है कि इस गंभीर मामले में स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। परिवार का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद हावड़ा पुलिस और प्रशासन की ओर से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। एक नाबालिग बच्ची की सुरक्षा, उसकी पढ़ाई और उसका भविष्य दांव पर लगा हुआ है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती इस मामले को और भयावह बना रही है।
यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। जरूरत है कि प्रशासन तुरंत हरकत में आए, बच्ची को सुरक्षित बरामद करे और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा करे, ताकि न्याय की उम्मीद जिंदा रह सके।